Thursday, December 9, 2021

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्र भाजपा सांसदों और विधायकों को घेरने वाले हैं, वजह जान लीजिए

त्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों ने अब सरकार से भिड़ने के लिए कमर कस लिया है। अपने मानदेय में बढ़ोतरी और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शिक्षामित्रों ने पूरा बंदोबस्त कर लिया है। सूबे के शिक्षामित्रों ने सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के सांसदों और विधायकों का आवास घेरने की योजना बनाई है। प्रदेश भर के भाजपा सांसदों और विधायकों के घर का घेराव होगा। सप्ताह के आखिरी दिन यानी रविवार को अलग-अलग क्षेत्रों में शिक्षामित्र इकट्ठा होंगे और भाजपा सांसदों और विधायकों का आवास घेरेंगे।

अपने इस आवास घेराव आंदोलन के दिन सभी शिक्षामित्र सुबह 10 बजे से दिन भर उपवास भी रखेंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने इस आंदोलन की रणनीति बनाई है। शिक्षामित्र संघ ने बताया है कि “हर रविवार को सभी शिक्षामित्र अपने क्षेत्र के सांसद और विधायक का आवास घेरेंगे। इस आंदोलन के जरिए शिक्षामित्र अपनी मांगों को रखेंगे। पिछले चार सालों से शिक्षामित्र प्रदेश में पीड़ित हैं। सरकार हमारी बातें नहीं सुन रही है। इसलिए अब गांधीवादी तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवास घेराव के दौरान सांसदों और विधायकों के आवास पर उपवास भी रखा जाएगा।”

क्या है शिक्षामित्रों की मांग?

शिक्षामित्रों की दो प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग है कि शिक्षामित्रों की मानदेय बढ़ाई जाए। पिछले चार सालों से शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं की गई है। आखिरी बार 2017 में ही सरकार ने मानदेय में वृद्धि की थी। तब शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 रुपए से बढ़ाकर दस हजार किया गया था। लेकिन चार साल बीत जाने के बाद दोबारा मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। शिक्षामित्रों का कहना है कि इस महंगाई के दौर में भी सरकार हमारा वेतन नहीं बढ़ाकर अन्याय कर रही है।

दूसरी मांग शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन को लेकर है। मांग है कि सभी शिक्षामित्रों का समायोजन सहायक अध्यापक के रूप में किया जाए। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सरकार बनने के तीन महीने के भीतर शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान करने का वादा किया था। लेकिन जूलाई 2017 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद एक लाख से ज्यादा शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द कर दिया गया था। आए दिन कहीं न कहीं शिक्षामित्र इसे लेकर धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर ये लोग ट्वीटर पर भी हैशटैग ट्रेंड कराते रहते हैं।

स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया है कि शिक्षामित्रों का पूरा ब्योरा सरकार के पास भेज दिया गया है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव नजदीक है। माना जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही कोई फैसला कर सकती है। माना जा रहा है कि शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाया जा सकता है। हालांकि ये सारी बातें महज अटकलें हैं।

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