Tuesday, October 26, 2021

सावरकर के माफ़ीनामे पर ये क्या बोल गए राजनाथ सिंह?

भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विनायक दामोदर सावरकर की दया याचिका पर एक नया बयान दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि गांधी के कहने पर सावरकर ने मर्सी पेटीशन (दया याचिका) फाइल की थी। राजनाथ सिंह का यह बयान जैसे ही सामने आया विनायक दामोदर सावरकर के माफीनामे को लेकर चर्चा शुरू हो गई। ट्वीटर पर इतिहास के लेखकों ने सावरकर के दया याचिका का इतिहास खंगाल दिया। तो वहीं कुछ लोग राजनाथ सिंह के बयान पर चुटकी लेने लगे।

कश्मीरनामा, कश्मीर और कश्मीरी पंडित, और उसने गांध को क्यों मारा जैसी चर्चित किताबें लिख चुके अशोक कुमार पांडेय ने इस मसले पर ट्वीट किया है। अशोक कुमार पांडेय ने बताया है कि “सावरकर ने पहला माफ़ीनामा 1915 लिखा था। इसी साल गांधी अफ्रिका से भारत आए थे। गांधी ने उन्हें छोड़ने की अपील 1932 में की जब वह येरवडा जेल में थे। इसके पहले सावरकर पांच माफ़ीनामे लिख चुके थे।”

राजनाथ सिंह के बयान पर प्रो. दिलिप मंडल ने ट्वीट किया है कि “इस तरह साबित हुआ कि सावरकर ने जेल से बाहर आने के लिए अंग्रेजों से माफ़ी माँगी थी और माफ़ी की शर्तों के मुताबिक़ फिर कभी अंग्रेजों के ख़िलाफ़ एक शब्द भी नहीं बोला। राजनाथ सिंह ने ये बात कहकर साहस का काम किया है। अब मोहन भागवत इनको मंत्रिमंडल से निकलवा न दें।”

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम मेंं बोले राजनाथ:

बता दें कि 13 अक्टूबर यानी आज न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने एक वीडियो ट्वीट किया है। वीडियो में राजनाथ सिंह एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सावरकर पर लिखी गई एक किताब के विमोचन के मौके पर किया गया था।

वीडियो में राजनाथ सिंह कह रहे हैं कि सावरकर के खिलाफ झूठ फैलाया गया। बार-बार ये कहा गया कि उन्होंने अंग्रेजी सरकार के सामने अनेकों मर्सी पेटीशन (दया याचिका) दिए थे। लेकिन सच्चाई है कि उन्होंने मर्सी पेटीशन अपने को रिहा किए जाने के लिए नहीं फाइल की थी। सामान्यत: एक कैदी को जो अधिकार होता है कि मर्सी पेटीशन फाइल करना चाहे तो कर सकता है।”

वीडियो में राजनाथ सिंह आगे कहते हैं कि “महात्मा गांधी ने उन्हें (सावरकर को) कहा था कि आप मर्सी पेटीशन फाइल करो। महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने मर्सी पेटीशन फाइल की थी। महात्मा गांधी ने अपनी ओर से यह अपील की थी कि सावरकर जी को रिहा किया जाना चाहिए। जैसे हम शांतिपूर्ण तरीके से देश की आजादी के लिए आंदोलन चला रहे हैं सावरकर जी भी चलाएंगे। लेकिन उन्हें बदनाम करने के लिए कोशिश की जाती है कि उन्होंने मर्सी पेटीशन दाखिल की थी, क्षमा याचना मांगी थी।”

राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। तेरह साल की उम्र से ही राजनाथ सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के भी सदस्या रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में गृह मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल राजनाथ सिंह भारत सरकार के रक्षा मंत्री है।

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