Thursday, December 9, 2021

जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग, ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #GoBackYogi

गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद ने एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का शिलान्यास किया। ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। 2024 तक जेवर एयरपोर्ट को बनाने का दावा किया गया है। ट्विटर पर इसे लेकर योगी आदित्यनाथ का विरोध हो रहा है।

जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर जब योगी आदित्यनाथ भाषण दे रहे थे तब हजारों की संख्या में लोग ट्विटर पर #GoBackYogi लिख रहे थे। खबर लिखे जाने तक इस हैशटैग पर तीस हजार से अधिक ट्वीट हो चुके हैं। हैशटैग ट्रेंड करने लगा है। मांग की जा रही है जेवर एयरपोर्ट का नाम बदल कर सम्राट मिहिर भोज के नाम पर रखा जाए।

पीयूष गुर्जर नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया है कि “हम जेवर एयरपोर्ट का नाम गुर्जर सम्राट मिहिर भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने की मांग करते हैं।”

गुर्जर-एक आवाज, एक विचार नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि “विरोध करने के संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाली भाजपा सरकार का अंत निश्चित है। गुर्जरों के स्वाभिमान को ललकारने का खामियाजा तो भुगतना पड़ेगा। मोदी तुमसे बैर नहीं, योगी तेरी खैर नहीं। राष्ट्रीय युवा गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के आह्वान पर आज सभी जातिवादी ढोंगी बाबा का विरोध करें। #GoBackYogi”

योगी का विरोध क्यों?

इसी साल बीते 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के नीचे लगी पट्टिका को लेकर गुर्जर समाज के लोग योगी आदित्यनाथ का विरोध कर रहे हैं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मूर्ति अनावरण से ठीक पहले गुर्जर सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के नीचे लगे शिलापट्ट पर किसी ने ‘गुर्जर’ शब्द पर कालिख पोत दी। जिसे तत्काल स्टिकर चिपकाकर ठीक किया गया। इसी घटना को लेकर गुर्जर समाज के लोगों में आक्रोश फैला हुआ है।

सम्राट मिहिर भोज के नाम से पहले गुर्जर शब्द पर लगाया गया काला रंग

सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के नीचे लगी पट्टिका पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और दादरी के विधायक तेजपाल नागर के नाम लिखे हुए थे। इन सभी नामों पर नाराज लोगों ने काला रंग लगा दिया।

मुख्यमंत्री के नाम पर लगाया गया काला रंग (फोटो: सोशल मीडिया)

खबर के अनुसार इस घटना के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था। प्रतिमा की पट्टिका पर सम्राट मिहिर भोज के नाम में गुर्जर ना लिखे होने पर अखिल भारतीय गुर्जर परिषद संगठन ने योगी आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की थी।

जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास से पहले ही गुर्जर समाज के लोगों ने योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखाने का ऐलान किया था। आज जेवर में जब योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे तब जगह-जगह पर गुर्जर समाज के लोग काले झंडे लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। विरोध-प्रदर्शनों को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही सक्रिय था।

कौन थे सम्राट मिहिर भोज?

सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के राजा थे। उनकी राजधानी कन्नौज थी। सम्राट मिहिर भोज का शासनकाल नवीं शताब्दी बताया जाता है। मिहिर भोज को लेकर अक्सर राजपूत और गुर्जर समाज के लोगों के बीच टकराव देखने को मिलते रहता है। एक पक्ष का दावा है कि मिहिर भोज गुर्जर थे। दूसरा पक्ष मिहिर भोज के राजपूत होने की बात कहता है। इतिहासकारों में भी सम्राट मिहिर भोज के गुर्जर या राजपूत होने पर मतभेद है।

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