Tuesday, October 26, 2021

विद्यापीठ बुलेटिन: ऑफलाइन काउंसलिंग में आज क्या हुआ, छात्र नेताओं ने क्यों काटा बवाल?

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम और कट ऑफ लिस्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापन के लिए मैसेज भेजा गया। अब कई पाठ्यक्रमों में ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए भी तारीखों की घोषणा हो चुकी है। विश्वविद्यालय की ओर से अभ्यर्थियों के फोन पर मैसेज भेजे जा रहे हैं।

बुधवार को विश्वविद्यालय ने एक सूची जारी किया। जिसमें बताया गया कि आज ऑफलाइन काउंसलिंग में कितने अभ्यर्थी मौजूद रहे। 13 पाठ्यक्रमों में ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए कुल 491 अभ्यर्थियों को मैसेज भेजा गया था। जबकि 360 अभ्यर्थी आज काउंसलिंग में पहुंचे थे।

बता दें कि B. Mus., B. F. A., B. A. Hons. (Mass Communication), Diploma in Vocal Music, Self Financed, B. A. L.L.B., B. Sc. (Hons.) AG, B. Sc. Textile and Handloom, Kannad Regular, Two Year, Diploma in Karmkand, Diploma in Drama, One Year (Self Financed), Certificate Course in Yoga for Wellness (Self Financed) के अभ्यर्थियों को आज भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया गया था।

काउंसलिंग पर कटा बवाल:

विश्वविद्यालय में आज भौतिक सत्यापन के दौरान छात्र नेताओं का एक गुट काउंसलिंग सेल के पास पहुंचा। छात्र नेताओं का सवाल था कि छोटी संख्या में अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए क्यों बुलाया जा रहा है? एक छात्र नेता ने कहा कि “ऐसे ही काउंसलिंग चलती रही तो नवंबर महीने तक प्रवेश प्रक्रिया ही पूरी नहीं होगी।”

एक छात्र नेता के अनुसार प्रवेश काउंसलिंग सेल के डॉ. बंशीधर पांडेय ने दावा किया है कि “20 अक्टूबर तक काउंसलिंग की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। किसी भी हाल में 20 तारीख के बाद काउंसलिंग का कार्य नहीं होगी।”

एनसीसी कैडेट्स ने किया रक्तदान:

बुधवार यानी आज महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के विद्यार्थियों ने रक्तदान किया। एनसीसी और विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने भी हिस्सा लिया। कुलपति ने सभी एनसीसी कैडेट्स का मनोबल बढ़ाया। हालांकि उन्होंने रक्तदान नहीं किया।
 

एनसीसी अधिकारी आयुष कुमार ने रक्तदान शिविर में कहा कि “एक व्यक्ति के रक्तदान से कम से कम 2-3 लोगों को जीवनदान मिलता है। रक्तदान मानवता की एक बहुत बड़ी मिसाल है। यह समाज सेवा और उससे भी बढ़ कर रोगियों एवं मरीजों की सेवा का एक परोपकारी माध्यम है।”

वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ब्लड बैंक की ओर से कैंप समन्वयक डॉ. आशुतोष सिंह ने कैडेट्स को रक्तदान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि “यह एक महादान है। क्योंकि इस धरती पर रक्त और मिटटी का उत्पादन नहीं किया जा सकता। सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह विस्थापित किया जा सकता है।”

97 बटालियन के सीएचएम- एसबी ठाकुर, हवलदार शालू राम, एनसीसी विभाग के दया राम, विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के अजीत कुमार चौबे और अन्य 35 कैडेट्स ने शिविर में रक्तदान किया। आज कुल 25 यूनिट रक्तदान हुआ।

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