Thursday, December 9, 2021

विद्यापीठ बुलेटिन: प्रोफेसर से बदसलूकी की होगी जांच, 70 लाख के घोटाले का लगा आरोप

हात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith) विश्वविद्यालय में इन दिनों एक भूकंप आया हुआ है। विश्वविद्यालय और प्रोफेसर आमने-सामने हैं। प्रोफेसर छात्रों के खिलाफ धरना दे रहे हैं। तो छात्र प्रोफेसर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने इस विवाद को सुलझाने के लिए जांच समिति का गठन कर दिया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दो छात्रों को वाणिज्य संकाय के प्रोफेसर और मूल्यांकन प्रभारी प्रो. कृपाशंकर जायसवाल के साथ धक्कामुक्की करने को लेकर नोटिस भेजा गया था। नोटिस पर जवाब देने के लिए आज अंतिम दिन था। लेकिन छात्रों की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। जिसके बाद कुलपति प्रो. त्यागी ने एक जांच समिति का गठन किया है।

विश्वविद्यालय के कुलानुशासक माने चीफ प्रॉक्टर प्रो. निरंजन सहाय ने कहा है कि धरनारत छात्रों और अध्यापकों के साथ कुलपति की बैठक हुई है। जिसके आलोक में समिति का गठन किया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस धक्कामुक्की प्रकरण में दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आज शिक्षकों द्वारा विश्वविद्यालय में दिए गए धरने को लेकर खबर तक मीडिया ने प्रो. कृपाशंकर जायसवाल से बातचीत की। उन्होंने कहा कि “विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता हो रही है। कोई भी छात्र सीधे हेड और डीन के पास पहुंच जा रहा है। गोपनियता खत्म हो गई है। विश्वविद्यालय में किसी भी छात्र से कह दिया जा रहा है कि अमुक शिक्षक की वजह से छात्र फेल हो गया है। इसके बाद अभद्रता हावी हो गई है। तो इसी के खिलाफ शिक्षकों ने धरना दिया था।”

प्रो. जायसवाल ने कहा है कि कुलपति जी ने “जांच समिति बनाई है। लेकिन समस्या ये है कि जांच समिति निष्पक्ष होनी चाहिए। मुझे समिति से कोई उम्मीद नहीं है। बस इतनी सी हमारी मांग है कि विश्वविद्यालय में अनुशासन बनी रहनी चाहिए। साथ ही शिक्षकों के साथ अभद्रता करने वाले छात्रों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

छात्रों ने क्या कहा?

बता दें कि प्रो. कृपाशंकर जायसवाल के साथ धक्कामुक्की करने के आरोप में गणेश राय और प्रभु पटेल नाम के दो छात्रों को नोटिस भेजा गया था। गणेश राय ने खबर तक मीडिया से कहा है कि पहले धक्कामुक्की प्रो. कृपाशंकर जायसवाल ने ही शुरू किया था। तो अगर आप धक्कामुक्की करेंगे तो यहां सब नौजवान हैं। तो अगर आप शुरू करेंगे तो आपको झेलने के लिए भी तैयार रहना होगा।”

गणेश राय ने आगे कहा कि हम लोग छात्रों के हित में गए थे। अगर पहले उनकी ओर से कुछ किया गया है तो उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।” गणेश राय ने प्रो. कृपाशंकर जायसवाल पर 70 लाख रुपए के घोटाले का भी आरोप लगाया है। गणेश राय ने कहा कि “चार नियुक्तियां हुईं हैं उसमें इन्होंने पैसा लिया है। 70 लाख का घोटाला किया है इन्होंने। इस घोटाले का पूरा सबूत मेरे पास है।”

इस मामले से जुड़े दूसरे छात्र प्रभु पटेल ने खबर तक मीडिया से बातचीत में कहा कि “हजारों छात्रों के भविष्य की बात थी। इसलिए हम लोग शिकायत लेकर पहुंचे थे। प्रो. कृपाशंकर जायसवाल से वार्ता के दौरान ही बहस शुरू हो गई। प्रो. कृपाशंकर जायसवाल ने गुस्से में कुछ बातें कहीं जिसका जवाब छात्र नेताओं ने भी दिया। इसी बीच हल्की धक्कामुक्की शुरू हो गई।”

प्रभु पटेल ने बताया कि “धक्कामुक्की किसी और के साथ हुई। मैं बीच-बचाव कर रहा था। कई वीडियो वायरल हैं इस घटना के। उसमें साफ दिख रहा है कि मैं सबको शांत करा रहा हूं न कि प्रो. कृपाशंकर जायसवाल के साथ बदसलूकी कर रहा हूं।”

देखना होगा कि कुलपति द्वारा गठित की गई जांच समिति कब अपना रिपोर्ट पेश करती है? बड़ा सवाल ये है कि क्या जांच समिति अपना रिपोर्ट सौंपेगी? या फिर पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए समिति किसी अंतहीन तारीख की गाल में लुप्त हो जाएगी? जांच समिति के रिपोर्ट में क्या कुछ निकलकर सामने आता है और उसके बाद क्या कार्रवाई होती है देखना दिलचस्प होगा।

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