Tuesday, October 26, 2021

बरेका में रेल कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को मिला स्व-रोजगार टूलकिट

नारस रेल इंजन कारखाना ने बुधवार को कौशल विकास योजना के अंतर्गत सफल प्रशिक्षुओं को स्व-रोजगार टूलकिट और प्रमाण पत्र दिया। बरेका की ओर से स्व-रोजगार टूलकिट और प्रमाण पत्र देने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत चार तकनीकी ट्रेडों- इलेक्ट्रिशियन, फिटर, मशीनिष्ट और वेल्डर के लिए सौ घंटे के प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित किया गया था। प्रथम बैच के प्रशिक्षण पूरा होने के बाद 54 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिया गया।

रेल कौशल विकास योजना का शुभारंभ भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्ण्व ने 17 सितंबर, 2021 को किया था। इस योजना के तहत रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से स्थानिय युवाओं को उद्योग आधारित ट्रेनिंग दी गई। ताकि युवा रोजगार के लिए सक्षम बन सके। रेल कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत शुरू किया गया है। योजना का लक्ष्य है कि देश भर के 75 रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से आने वाले तीन सालों के भीतर कुल पचास हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए।

बता दें कि बरेका को रेल कौशल विकास योजना कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। युवाओं के प्रशिक्षण के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया के निर्धारण की जिम्मेदारी बरेका के ही हाथों में है। बरेका के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस योजना के लिए प्रशिक्षुओं का चयन खुले विज्ञापन के माध्यम से किया गया। जिसके बाद प्रशिक्षुओं को सौ घंटे का व्यवहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद मूल्यांकन कर सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

जिलाधिकारी और मंडलायुक्त भी रहे मौजूद:

आज बरेका में आयोजित टूलकिट और प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में वाराणसी मंडल के आयुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की मौजूदगी रही। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि “यह बेहद गौरव की बात है कि बरेका, प्रधानमंत्री के कौशल विकास के दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रहा है। बरेका द्वारा तकनीकी क्षेत्र में दिया गया प्रशिक्षण काफी सफल रहा है और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं में उत्साह पैदा कर रहा है।”

मंडल आयुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि “महाप्रबंधक के नेतृत्व में बरेका ने कोविड के समय में सिविल प्रशासन का सक्रिय सहयोग किया है। आज की दुनिया में युवाओं के बीच सबसे बड़ी चुनौती नौकरी की है। अब समय सैद्धांतिक से ज्यादा व्यावहारिक कौशल का है। रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत बरेका के प्रशिक्षण माड्यूल की विशेषता यह है कि इसमें 70% व्यवहारिक प्रशिक्षण है।”

बरेका की महाप्रबंधक अंजली गौयल ने कहा कि जिलाधिकारी और मंडलायुक्त के संदेशों से सरकारी संगठनों एवं विभागों की कार्य प्रणाली में बदलाव आएगा। बरेका जल्द ही अपने पाठ्यक्रम में सुधार करते हुए इसमें द्यमिता योजनाओं, ऋण, एवं इक्यूबेशन सेन्टर को शामिल करेगा।

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