Thursday, December 9, 2021

दिल्ली वाली बीमारी पहुंच गई बनारस, मास्क लगाकर ही निकले घर से बाहर

दीपावली के बाद से ही पूरी दिल्ली जहरीली हवा में जीने को मजबूर है। राजधानी में प्रदूषण ने ऐसा तांडव मचाया है कि मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। हवा में जानलेवा गैसों और धूल के कणों की मात्रा इतनी बढ़ चुकी है कि लोगों का जीना दुभर हो चुका है। अब यही समस्या मुंह उठाए वाराणसी पहुंच चुकी है। बीते कुछ दिनों से वाराणसी की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।

बीते शुक्रवार यानी 19 नवंबर की सुबह वाराणसी की वायु गुणवत्ता इंडेक्स 239 थी। जो कि देर शाम तक 268 और रात होते-होते 271 तक पहुंच गई। आसमान में सुबह और शाम के वक्त कोहरा घेरे हुए दिख रहा है। स्मॉग का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। स्मॉग यानी स्मोक और फॉग का मिश्रण। ऐसी हालत में सांस लेने में लोगों को समस्या भी हो सकती है। अस्पताल में दमा और सांस के रोगियों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

शहर में भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही और उनसे निकलने वाले धुंए भी इस खतरे को बढ़ा रहे हैं। लगातार पर्व और त्योहारों की वजह से शहर की भीड़ और गतिविधियां बढ़ी हुईं हैं। जिसकी वजह से हवा में धूल कणों की मात्रा बढ़ गई है, जो अंत में धुंध का रूप ले रही है।

बताया जा रहा है कि वाराणसी की वायु गुणवत्ता ऑरेंज जोन में है। यानी स्थिति सामान्य नहीं है। सावधान रहने की जरूरत है। पूरे वाराणसी में लगभग हर इलाके में वायू गुणवत्ता इंडेक्स ढ़ाई सौ से अधिक ही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वायु गुणवत्ता इंडेक्स में पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 होता है। जो फिलहाल वाराणसी में चार गुने से भी अधिक है।

माना जा रहा है कि पर्व-त्योहारों के बीतने के बाद स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि अब वायू में मामूली स्तर पर ही सही लेकिन सुधार होना शुरू हो चुका है। जल्द ही स्थिति सामान्य होने लगेगी। चिकित्सकों की सलाह है कि जैसे कोरोना महामारी के वक्त लोग मास्क पहन रहे थे अभी भी मास्क का उपयोग करें। जब तक वायु की गुणवत्ता बेहतर नहीं होती है बगैर मास्क के बाहर निकलने से बचें।

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